Posts

Showing posts from November, 2018

राहुल गांधी को कैसे मिला ‘कौल’ गोत्र?

बात दो मई, 1991 की है. तपती धूप में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने चुनाव प्रचार के बीच पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में आकर संकल्प लिया था. देश में आम चुनाव का माहौल था, राजीव की कांग्रेस पार्टी विपक्ष में थी और माना जा रहा था कि राजीव वापसी कर सकते हैं. राजीव गांधी का पुष्कर से कुछ ख़ास लगाव था . उन दिनों राजस्थान में राजीव के क़रीबी रहे एक नेता ने बताया, "वह पहली बार पुष्कर 1983 में आए थे जब वे कांग्रेस पार्टी के महासचिव थे. बतौर प्रधानमंत्री भी वे 1989 में पुष्कर आए और ब्रह्मा मंदिर में पूजा-अर्चना की." लेकिन दो मई, 1991 की उनकी पुष्कर यात्रा के महज़ 19 दिन बाद तमिलनाडु में राजीव गांधी एक बम धमाके का शिकार हो गए. उनकी मृत्यु के एक हफ़्ते बाद उनकी अस्थियों का विसर्जन पुष्कर में किया गया जिस दौरान राजेश पायलट और अशोक गहलोत जैसे नेता मौजूद थे. परिवार के पुरोहित दीनानाथ कौल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, "ये सभी नेता तीन हफ़्ते पहले भी राजीव जी के साथ यहाँ मौजूद थे. राजीव तीन बार पुष्कर आ चुके थे और उनकी मौत की ख़बर मिलने पर शहर कई दिनों तक सदमें में रह...

क्या तैमूर को मोगली दिखाएंगी करीना कपूर खान? ये रहा जवाब

नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज मोगली जल्द ही दिसंबर में शुरू होने जा रही है. सीरीज की हिंदी डबिंग के लिए कई बॉलीवुड एक्टर्स ने अपनी आवाज दी है. इसमें हिंदी वर्जन के लिए अनिल कपूर बलू का वॉइस ओवर किया है. माधुरी दीक्षित ने मोगली की भेड़िया मां निशा का, बगीरा का वॉइस ओवर किया है अभिषेक बच्चन ने, जैकी श्रॉफ ने शेर खान का और करीना कपूर खान ने एनाकोंडा Kaa का VO किया है. सीरीज की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सभी सितारे मौजूद थे एक मीडियाकर्मी ने पूछा कि क्या वे अपने बच्चों को मोगली दिखाना चाहेंगी. तो इस पर अभिषेक बच्चन ने साफ तौर पर कहा कि हां वह आराध्या को ये वेब सीरीज दिखाना चाहेंगे. हालांकि करीना कपूर खान का जवाब अभिषेक के जवाब से थोड़ा अलग था . अभिषेक के जवाब के बाद करीना ने कहा कि हां वह तैमूर को ये सीरीज दिखाना तो चाहेंगी लेकिन अभी नहीं. बता दें कि मोगली लीजेंड ऑफ द जंगल के हिंदी वर्जन को नेटफिल्क्स पर 7 दिसंबर को रिलीज किया जाएगा. भारतीय-अमेरिकी बाल कलाकार रोहन चंद मोगली के रूप में नजर आएंगे. मैथ्यू राइज लॉकवुड और फ्रीडा पिंटो मेसुआ की भूमिका निभाते दिखेंगे. आपको बता दें कि ...

中国版图成国家机密?中国一公民状告外交部遭拒

想知道自己国家的边界究竟如何划分 ?在中国,这可能是一 件困难的事。 近日,一篇《中国人无权知道国土版图》的文章在中国社交媒体引发热议。文中讲述了曾参 与“保钓”的独立历史研究 者殷敏鸿向中国外交部申请公开有关位于中俄边境的历史地区唐努乌梁海归属问题文件, 但被中国外交部以“信息涉密”为由拒绝。 殷敏鸿随后两次将中国外交部诉至北京法院, 但北京高院最终裁定不予立案。 唐努乌梁海在哪儿? 2017年8月14日, 39岁的退伍军人 、独立研究者殷敏鸿向中国外交部提交信息公开申请。他在申请中要求外交部公开"中苏(俄) 是否就唐努乌梁海地区归属问题签约、 中蒙是否就唐努乌梁海地区划定边界"等信息。 殷敏鸿对BBC中文说 ,他申请信息公开是希望中国当局“正本清源”, 从法理上说明唐努乌梁 海现在是否还是中国未放弃的领土,是否有希望“收复”。 殷敏鸿口中的唐努乌梁海位于新疆以北、蒙古国西北,其大致领域位于现在俄罗斯的图瓦共和国(Tuva)附近, 距新疆阿勒泰地区直线距离约200公里 ,但并不与现在地图上的中国国界线接壤。 在历史上, 唐努乌梁海长期归蒙古人管辖 ,17世纪成为清朝版图的一部分。但在1911年辛亥革命后,俄军进驻该地, 自此逐渐沦为俄国属地。 二战时,该地独立成为共和国 ,但仅苏联和蒙古承认其地位。苏联解体后,该国作为自治共和国,留在俄罗斯联邦内。 中国大陆和台湾的中华民国政府从未就该地主权问题做出明确说明。但无论是中国大陆还是台湾出版的地图中,该地一 直被标记为俄罗斯领土。 “涉密”的边界 在殷敏鸿递交信息公开申请的一个月后 ,他收到外交部寄来的复函。复函中称,“根据《中华人民共和国政府信息公开条例》第14条和第21条,你申请的信息涉密, 不属于政府信息公开范畴。”